Ajaa Re Main To Kab Se Khadi Is Paar / आ जा रे परदेसी मैं तो कब से खड़ी Madhumati (1958)

Ajaa Re Main To Kab Se Khadi Is Paar Hindi Lyrice 

आ जा रे ऽऽऽ परदेसी मैं तो कब से खड़ी इस पार 
ये अँखियाँ, थक गई पंथ निहार
आ जा रे, परदेसी

(तुम संग जनम जनम के फेरे
भूल गये क्यूँ साजन मेरे) – 2
तड़पत हूँ मैं सांझ सवेरे, ओ …
आ जा रे, मैं तो कब से खड़ी इस पार …

(मैं नदिया फिर भी मैं प्यासी
भेद ये गहरा बात ज़रा सी) – 2
बिन तेरे हर रात उदासी, ओ …
आ जा रे, मैं तो कब से खड़ी इस पार …

मैं दिये की ऐसी बाती
जल न सकी जो बुझ भी न पाती
आ मिल मेरे जीवन साथी, ओ …
आ जा रे, मैं तो कब से खड़ी इस पार …


फ़िल्म: मधुमती / Madhumati (1958)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: जॉनीवाकर, प्राण, दिलीप कुमार, वैजयन्ती माला

Ajaa-Re-Main-To-Kab-Se Khadi-Is-Paar-Madhumati-(1958)


आ जा रे ऽऽऽ परदेसी मैं तो कब से खड़ी इस पार हिंदी लिरिक्स 


Ajaa Re Main To Kab Se Khadi Is Paar 
Ye aankhiyaaan thak gayi pnth nihaar
Ajaa re, paradesi

Main diye ki aisi baati
Jal naa saki jo, bujh bhi naa paati
A mil mere jiwan saathi

Tum sng janam janam ke fere
Bhul gaye kyon saajan mere
Tadapat huan main saaanjh sawere

Main nadiyaa fir bhi main pyaasi
Bhed ye gaharaa, baat jraa si
Bin tere har saaans udaasi




Ajaa Re Main To Kab Se Khadi Is Paar  आ जा रे ऽऽऽ परदेसी मैं तो कब से खड़ी इस पार हिंदी लिरिक्स 





Ajaa Re Main To Kab Se Khadi Is Paar / आ जा रे परदेसी मैं तो कब से खड़ी Madhumati (1958) Ajaa Re Main To Kab Se Khadi Is Paar  / आ जा रे परदेसी मैं तो कब से खड़ी Madhumati (1958) Reviewed by FM Hindi Song on दिसंबर 18, 2016 Rating: 5

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