गुरुवार, 15 दिसंबर 2016

Hai Agar Dushman Jmaanaa Gam / है अगर दुश्मन ज़माना ग़म / Hum Kisise Kum Nahin (1977)

Hai Agar Dushman Jmaanaa Gam

है अगर दुश्मन -2
ज़माना ग़म नहीं, ग़म नहीं
है अगर दुश्मन
दुश्मन
ज़माना ग़म नहीं, ग़म नहीं
कोई आये ए ए ए ए
कोई आये कोई आये कोई आये कोई
हम किसी से कम नहीं, कम नहीं

क्या करें दिल की जलन को,
इस मोहब्बत के चलन को
जो भी हो जाये के अब तो सर पे बाँधा है क़फ़न को
हम तो दीवाने दिलजले
ज़ुल्म के साये में पले
डाल कर आँखों को तेरे रुख़्सारों पे
रोज़ ही चलते हैं हम तो अंगारों पे

आज हम जैसे जिगर वाले कहाँ
आ हा
ज़ख़्म खाया है तब हुये हैं जवाँ
आ हा
तीर बन जाये दोस्तों की नज़र
आ हा
या बने ख़ंज़र दुश्मनों की ज़ुबाँ

बैठे हैं तेरे दर पे तो कुछ कर के उठेंगे
या तुझको ही ले जायेंगे या मर के उठेंगे

आज हम जैसे जिगर वाले कहाँ
ज़ख़्म खाया है तब हुये हैं जवाँ
आऽ

आज तो दुनिया
आज तो दुनिया
दुनिया
नहीं या हम नहीं, हम नहीं
कोई आये कोई
हम किसी से कम नहीं, कम नहीं
है अगर दुश्मन…

हो लो ज़रा अपनी ख़बर भी
इक नज़र देखो इधर भी
हुस्न वाले ही नहीं हम
दिल भी रखते हैं जिगर भी
झूम के रखा जो क़दम
रह गई ज़ंजीर-ए-सितम
कैसे रुक जायेंगे हम किसी चिलमन से
ज़ुल्फ़ों को बाँधा है यार के दामन से
आ हा हा
इश्क़ जब दुनिया का निशाना बना
आ हा
हुस्न भी घबरा के दीवाना बना
आ हा
मिल गये रंग-ए-हिना ख़ून-ए-जिगर
आ हा
तब कहीं रंगीं ये फ़साना बना

भेस मजनू का लिया मैंने जो लैला हो कर
रंग लाया है दुपट्टा मेरा मैला हो कर

इश्क़ जब दुनिया का निशाना बना
हुस्न भी घबरा के दीवाना बना

आ हा हा
आ आ आ
ये नहीं समझो
ये नहीं समझो
समझो
के हममें दम नहीं, दम नहीं
कोई आये आ आ आ आ
कोई आये कोई आये कोई आये कोई
हम किसी से कम नहीं, कम नहीं
है अगर दुश्मन…


  • फिल्मः हम किसी से कम नहीं (1977)
  • गायक/गायिकाः मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
  • संगीतकारः आर. डी. बर्मन
  • गीतकारः मज़रूह सुल्तानपुरी
  • कलाकारः ऋषि कपूर, तारिक़ खान, नीतू सिंह, काजल किरण
Hai-Agar-Dushman-Jmaanaa-Gam-Hum-Kisise-Kum-Nahin-(1977)


है अगर दुश्मन ज़माना ग़म नहीं

Hai Agar Dushman Jmaanaa Gam Nahin, Gam Nahin
Koi aye kahi se, ham kisi se kam nahin

Kyaa kare dil ki jalan ko, is mohabbat ke chalan ko
Jo bhi ho jaae ke ab to, sar se baandhaa hai kafn ko
Ham to diwaane dilajale, julm ke saae men pale
Daal kar aankhon ko, tere rukhasaaron pe
Roj hi chalate hai, ham to angaaron pe
Aj ham jaise jigarawaale kahaaan
Jakhm khaayaa hai, tab hue hain jawaan
Tir ban jaae, doston ki najar
Yaa bane khnjar, dushmanon ki jubaan
     baithhe hain tere dar pe to kuchh kar ke uthhenge
     yaa tujhako hi le jaayenge yaa mar ke uthhenge
Aj ham jaise jigarawaale kahaaan
Jakhm khaayaa hai, tab hue hain jawaan
Aj to duniyaa nahin, yaa ham nahin

Lo jraa apani khabar bhi
Ek najar dekho idhar bhi
Husnawaale hi nahin ham
Dil bhi rakhate hai jigar bhi
Jhum ke rakhaa jo kadam
Rah gi jnjir-e-sitam
Kaise ruk jaayenge, ham kisi chilaman se
Julfon ko baandhaa hai, yaar ke daaman se
Ishk jab duniyaa kaa nishaanaa banaa
Husn bhi ghabaraa ke diwaanaa banaa
Mil ge rng-e-hinaa, khun-e-jigar
Tab kahi rngi ye fsaanaa banaa
     bhes majanu kaa liyaa mainne jo lailaa hokar
     rng laayaa hai dupattaa, meraa mailaa hokar
Ishk jab duniyaa kaa nishaanaa banaa
Husn bhi ghabaraa ke diwaanaa banaa
Ye nahin samajhon ke ham men dam nahin, dam nahin




     Hai Agar Dushman Jmaanaa Gam Nahin, Gam Nahin                      

    

FM Hindi Song
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नमस्कार दोस्तों मैं FM Hindi Song की और से आप सभी का धन्यवाद देता हु जो आप जो आप सभी ने इस ब्लॉग को अपना समझा साथ ही अपना प्यार और सहयोग दिया..

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