शुक्रवार, 23 दिसंबर 2016

Koi Jab Raah Na Paye, Mere Sang Aye / कोई जब राह न पाए, मेरे संग आए / Dosti (1964)

कोई जब राह न पाए, मेरे संग आए के पग-पग दीप जलाए हिंदी लिरिक्स 

मेरी दोस्ती मेरा प्यार

जीवन का यही है दस्तूर प्यार बिना अकेला मजबूर
दोस्ती को माने तो सब दुख दूर
कोई काहे ठोकर खाए
मेरे संग आए…

दोनो के हैं, रूप हज़ार
पर मेरी सुने जो संसार
दोस्ती है भाई, तो बहना है प्यार
कोई मत चैन चुराए
मेरे संग आए…

प्यार का है, प्यार ही नाम
कहीं मीरा, कहीं घनश्याम
दोस्ती का यारो नहीं कोई दाम
कोइ कहीं दूर ना जाए
मेरे संग आए

  •  चित्रपट : दोस्ती (१९६४) 
  • गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी,
  •  गायक : मोहम्मद रफी, 
  • संगीतकार : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल,

Koi-Jab-Raah-Na-Paye-Mere-Sang-Aye-Dosti-(1964)

कोई जब राह न पाए, मेरे संग आए के पग-पग दीप जलाए हिंदी लिरिक्स 

Koi Jab Raah Na Paye, Mere Sang Aye 
Ke pag pag dip jalaae, Meri Dosti, Mera Pyar

Ziwan kaa yahi hai dastur, pyar binaa akela majabur
Dosti ko mane to sab duhkh dur
Koi kahe thokar khaae, mere sang aye
Ke pag pag dip jalae, meri dosti, mera pyar

Dono ke hai rup hajzar, par meri sune jo snsar
Dosti hai bhai, to bahana hai pyar
Koi mat nain churaae, mere sng ae
Ke pag pag dip jalaae, meri dosti, meraa pyaar

Pyaar kaa hai pyaar hi naam, kahin miraa, kahin ghanashyaam
Dosti kaa yaaron nahin koi dhaam
Koi kahin dur naa jaae, mere sng ae
Ke pag pag dip jalaae, meri dosti, meraa pyaar


 कोई जब राह न पाए, मेरे संग आए के पग-पग दीप जलाए हिंदी लिरिक्स
Koi Jab Raah Na Paye, Mere Sang Aye Hindi Song Lyrics 


FM Hindi Song
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