Manzilen Apani Jagah Hain / मंजिलें अपनी जगह हैं, रास्ते अपनी जगह / Sharaabi (1984)

Manzilen Apani Jagah Hain, Raaste Apani Jagah Hindi Song Lyrics

मंजिलों पे आ के लूटते, हैं दिलों के कारवाँ
कश्तियां साहिल पे अक्सर, डूबती हैं प्यार की

मंजिलें अपनी जगह हैं, रास्ते अपनी जगह
मंजिलें अपनी जगह हैं, रास्ते अपनी जगह

जब कदम ही साथ ना दे, तो मुसाफिर क्या करे

यूं तो हैं हमदर्द भी और हमसफ़र भी हैं मेरा
यूं तो हैं हमदर्द भी और हमसफ़र भी हैं मेरा

बढ़ के कोई हाथ ना दे, दिल भला फिर क्या करे

मंजिलें अपनी जगह हैं, रास्ते अपनी जगह

  • चित्रपट : शराबी (१९८४) 
  • गीतकार : अंजान, 
  • गायक : किशोर कुमार, 
  • संगीतकार : बप्पी लाहिरी, 

Manzilen-Apani-Jagah-Hain-Sharaabi-(1984)

मंजिलें अपनी जगह हैं, रास्ते अपनी जगह हिंदी लिरिक्स 

Mnzilon pe a ke lutate hain dilon ke karawan
Kashtiyan saahil pe aksar dubati hain pyaar ki

Manzilen Apani Jagah Hain, Raaste Apani Jagah
Jab kadam hi saath naa de, to musaafir kyaa kare
Yun to hai hamadard bhi aur hamasafr bhi hai mera
Badh ke koi haath naa de, dil bhalaa fir kyaa kare

Dubanewale ko tinake kaa sahaara hi bahut
Dil bahal jaae fakat itanaa ishaara hi bahut
Itane par bhi asamanwaala gira de bijaliyaan
Koi batala de jraa ye dubata fir kyaa kare

Pyar karana jurm hai to jurm hamase ho gaya
Kaabil-e-maafi hua, karate nahin aise gunaah
Sngadil hai ye jahaan aur sngadil mera sanam
Kyaa kare josh-e-junun aur hausala fir kyaa kare


मंजिलें अपनी जगह हैं, रास्ते अपनी जगह हिंदी लिरिक्स
Manzilen Apani Jagah Hain, Raaste Apani Jagah Hindi Song Lyrics


Manzilen Apani Jagah Hain / मंजिलें अपनी जगह हैं, रास्ते अपनी जगह / Sharaabi (1984) Manzilen Apani Jagah Hain / मंजिलें अपनी जगह हैं, रास्ते अपनी जगह / Sharaabi (1984) Reviewed by FM Hindi Song on दिसंबर 23, 2016 Rating: 5

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