बुधवार, 14 दिसंबर 2016

Mere Dushman Tu Meri Dosti Ko Tarase / मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे / Aaye Din Bahaar Ke (1966)


Mere Dushman Tu Meri Dosti Ko Tarase

मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे
मुझे ग़म देने वाले तू खुशी को तरसे

तू फूल बने पतझड़ का, तुझ पे बहार न आए कभी
मेरी ही तरह तू तड़पे तुझको क़रार न आए कभी
जिये तू इस तरह की ज़िंदगी को तरसे

इतना तो असर कर जाएं मेरी वफ़ाएं ओ बेवफ़ा
जब तुझे याद आएं अपनी जफ़ाएं ओ बेवफ़ा
पशेमान होके रोए, तू हंसी को तरसे

तेरे गुलशन से ज़्यादा वीरान कोई वीराना न हो
इस दुनिया में तेरा जो अपना तो क्या, बेगाना न हो
किसी का प्यार क्या तू बेरुख़ी को तरसे


  • फ़िल्म: आए दिन बहार के / Aaye Din Bahar Ke (1966)
  • गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी
  • संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
  • गीतकार: आनंद बख्शी
  • अदाकार: धर्मेंद्र, बलराज साहनी, आशा पारेख


Mere-Dushman-Tu-Meri-Dosti-Ko-Tarase

मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे 

Mere dil se sitamagar tu ne achchhi dillagi ki hai
Ke ban ke dost apane doston se dushmani ki hai

Mere Dushman Tu Meri Dosti Ko Tarase
Mujhe gam denewaale tu khushi ko tarase

Tu ful bane patajhad kaa, tujh pe bahaar n aye kabhi
Meri hi tarah tu tadpe, tujh ko karaar n aye kabhi
Jiye tu is tarah ke jindagi ko tarase

Itanaa to asar kar jaaye, meri wafaayen, o bewafaa
Ek roj tujhe yaad aye, apani jafaayen, o bewafaa
Pashemaan ho ke roye, tu hansi ko tarase

Tere gulashan se jyaadaa, wiraan koi wiraanaa naa ho
Is duniyaa men koi teraa apanaa to kyaa, begaanaa naa ho
Kisi kaa pyaar kyaa tu berukhi ko tarase

Mere Dushman Tu Meri Dosti Ko Tarase




FM Hindi Song
FM Hindi Song

नमस्कार दोस्तों मैं FM Hindi Song की और से आप सभी का धन्यवाद देता हु जो आप जो आप सभी ने इस ब्लॉग को अपना समझा साथ ही अपना प्यार और सहयोग दिया..

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