O Hasina Julfon Vaalee Jaanejahan / ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ / Teesri Manzil (1966)

O Hasina Julfon Vaalee Jaanejahan

हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ
ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां
ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ
ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां
महफ़िल महफ़िल ऐ शमा फिरती हो कहाँ – 2

वो अन्जाना ढूँढती हूँ
वो दीवाना ढूँढती हूँ
जलाकर जो छिप गया है
वो परवाना ढूँढती हूँ

गर्म है, सेज़ है, ये निगाहें मेरी
काम आ, जायेगी सर्द, आहें मेरी
तुम किसी, राह में, तो मिलोगे कहीं
अरे! इश्क़ हूँ, मैं कहीं ठहरता ही नहीं
मैं भी हूँ गलियों की परछाई
कभी यहाँ कभी वहाँ
शाम ही से कुछ हो जाता है
मेरा भी जादू जवां

ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ
ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां
महफ़िल महफ़िल ऐ शमा फिरती हो कहाँ – 2

वो अन्जाना ढूँढती हूँ
वो दीवाना ढूँढती हूँ
जलाकर जो छिप गया है
वो परवाना ढूँढती हूँ

छिप रहे, है ये, क्या ढंग है आपका?
आज तो, कुछ नया, रंग है आपका
है! आज की, रात मैं, क्या से क्या हो गयी
अह! आपकी सादगी, तो भला हो गयी
मैं ही हूँ गलियों की परछाई
कभी यहाँ कभी वहाँ
शाम ही से कुछ हो जाता है
मेरा भी जादू जवां

ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ
ढूँढती हैं काफ़िर आँखें किसका निशां
महफ़िल महफ़िल ऐ शमा फिरती हो कहाँ – 2

वो अन्जाना ढूँढती हूँ
वो दीवाना ढूँढती हूँ
जलाकर जो छिप गया है
वो परवाना ढूँढती हूँ

ठहरिये, तो सही, कहिये क्या नाम है
मेरी बदनामियों का वफ़ा नाम है
ओहो! क़त्ल कर के चले ये वफ़ा, खूब है
है! नादां तेरी, ये अदा, खूब है
मैं भी हूँ गलियों की परछाई
कभी यहाँ कभी वहाँ
शाम ही से कुछ हो जाता है
मेरा भी जादू जवां


  • फ़िल्म: तीसरी मंज़िल 
  • गायक/गायिका: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले
  • संगीतकार: आर. डी. बर्मन
  • गीतकार: मज़रूह सुल्तानपुरी
  • अदाकार: शम्मी कपूर, आशा पारेख


O-Hasina-Julfon-Vaalee-Jaanejahan -Teesri-Manzil-(1966)

ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ

O Hasina Julfon Vaalee Jaanejahan
Dhundhatee Hain Kaafir Aankhe Kiska Nishaan) - (2)
Mehfil Mehfil Ae Shama Phirtee Ho Kaha

Woh Anjaana Dhundhatee Hu, Woh Dewaana Dhundhatee Hu
Jalaakar Jo Chhip Gaya Hai, Woh Parwaana Dhundhatee Hu

Garm Hai, Tej Hai, Yeh Nigaahe Meree
Kaam Aa Jaayengee Sard Aahen Meree
Tum Kisee Raah Me, Toh Miloge Kahee
Arey Ishk Hu, Main Kahee Theharta Hee Nahee
Mai Bhee Hu Galiyo Kee Parchhaayee, Kabhee Yaha Kabhee Vaha
Shaam Hee Se Kuchh Ho Jaata Hai Mera Bhee Jaadu Jawa
O Hasina Julfon Vaalee...

Chhup Rahe, Hain Yeh Kya Dhang Hai Aapka
Aaj Toh Kuchh Naya Rang Hai Aapka
Hai Aaj Kee Raat Mai Kya Se Kya Ho Gayee
Aha Aap Kee Saadgee Toh Ada Ho Gayee
Mai Bhee Hu Galiyo Kee Parchhaayee, Kabhee Yaha Kabhee Vaha
Shaam Hee Se Kuchh Ho Jaata Hai Mera Bhee Jaadu Jawa
O Hasina Julfon Vaalee...

Thehariye Toh Sahee, Kahiye Kya Naam Hai
Meree Badnaamiyo Kaa Vafa Naam Hai
Oho Katl Kar Ke Chale, Yeh Vafa Khub Hai
Hai Najnina Teree Yeh Ada Khub Hai
Mai Bhee Hu Galiyo Kee Parchhaayee, Kabhee Yaha Kabhee Vaha
Shaam Hee Se Kuchh Ho Jaata Hai Mera Bhee Jaadu Jawa
O Hasina Julfon Vaalee...

O Hasina Julfon Vaalee Jaanejahan
ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ



O Hasina Julfon Vaalee Jaanejahan / ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ / Teesri Manzil (1966) O Hasina Julfon Vaalee Jaanejahan /  ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जानेजहाँ /  Teesri Manzil (1966) Reviewed by FM Hindi Song on दिसंबर 14, 2016 Rating: 5

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