Teri Mahafil Men Kismat Ajamaa Kar / तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर / Mughal-e-Azam (1960)

Teri Mahafil Men Kismat Ajamaa Kar Ham Bhi Dekhenge- Hindi Lyrics 

तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
घड़ी भर को तेरे नज़दीक आकर हम भी देखेंगे – 2
अजी हां हम भी देखेंगे – 2

तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
तेरे कदमों पे सर अपना झुका कर हम भी देखेंगे – 2
अजी हां हम भी देखेंगे – 2

बहारें आज पैग़ाम-ए-मोहब्बत ले के आई हैं
बड़ी मुद्दत में उम्मीदों की कलियां मुस्कुराई हैं
बड़ी मुद्दत में अजी हां
बड़ी मुद्दत में उम्मीदों की कलियां मुस्कुराई हैं
ग़म-ए-दिल से जरा दामन बचाकर हम भी देखेंगे – 2
अजी हां हम भी देखेंगे

अगर दिल ग़म से खाली हो तो जीने का मज़ा क्या है
ना हो खून-ए-जिगर तो अश्क़ पीने का मज़ा क्या है
ना हो खून-ए-जिगर हां हां
ना हो खून-ए-जिगर तो अश्क़ पीने का मज़ा क्या है
मोहब्बत में जरा आँसू बहाकर हम भी देखेंगे – 2
अजी हां हम भी देखेंगे

मोहब्बत करने वालो का है बस इतना ही अफ़साना
तड़पना चुपके चुपके आहें भरना घुट के मर जाना
तड़पना चुपके चुपके हां हां
तड़पना चुपके चुपके आहें भरना घुट के मर जाना
किसी दिन ये तमाशा मुस्कुरा कर हम भी देखेंगे – 2
तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
अजी हां हम भी देखेंगे

मोहब्बत हमने माना ज़िन्दगी बरबाद करती है
ये क्या कम है के मर जाने से दुनिया याद करती है
ये क्या कम है अजी हां हाँ
ये क्या कम है के मर जाने से दुनिया याद करती है
किसी के इश्क़ में दुनिया लुटाकर हम भी देखेंगे – 2
तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे

तेरे कदमों पे सर अपना झुकाकर आ आ …
घड़ी भर को तेरे नज़दीक आकर आ आ …
तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
अजी हां हम भी देखेंगे
अजी हां हम भी देखेंगे



  • फ़िल्म: मुग़ल-ए-आज़म /
  • गायक/गायिका: 
  • संगीतकार: नौशाद
  • गीतकार: शकील बदांयुनी
  • अदाकार: दिलीप कुमार, पृथ्वीराज कपूर, मधुबाला

Teri-Mahafil-Men-Kismat-Ajamaa-Kar-Mughal-e-Azam-(1960)


तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे हिंदी लिरिक्स 

Teri Mahafil Men Kismat Ajamaa Kar Ham Bhi Dekhenge
Ghadibhar ko tere najadik akar ham bhi dekhenge
Teri mahafil men kismat ajamaakar ham bhi dekhenge
Tere kadamon pe sar apanaa jhukaakar ham bhi dekhenge

Bahaaren aj paigaam-e-mohobbat leke ai hai
Badi muddat men ummidon ki kaliyaaan muskuraai hai
Gam-e-dil se jaraa daaman bachaakar ham bhi dekhenge

Agar dil gam se khaali ho to jine kaa majaa kyaa hai
Naa ho khun-e-jigar to ashk pine kaa majaa kyaa hai
Mohobbat me jaraa aansu bahaakar ham bhi dekhenge

Mohobbat karanewaalon kaa hai bas itanaa hi afasaanaa
Tadapanaa chupake chupake ah bharanaa ghut ke mar jaanaa
Kisi din ye tamaashaa muskuraakar ham bhi dekhenge

Mohobbat hamane maanaa jindagi barbaad karati hai
Ye kyaa kam hai ke mar jaane pe duniyaa yaad karati hai
Kisi ke ishk men duniyaa lutaakar ham bhi dekhenge




तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे हिंदी लिरिक्स
Teri Mahafil Men Kismat Ajamaa Kar Ham- Hindi Lyrics 

Teri Mahafil Men Kismat Ajamaa Kar / तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर / Mughal-e-Azam (1960) Teri Mahafil Men Kismat Ajamaa Kar / तेरी महफ़िल में किस्मत आज़मा कर / Mughal-e-Azam (1960) Reviewed by FM Hindi Song on दिसंबर 18, 2016 Rating: 5

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