बुधवार, 14 दिसंबर 2016

Ye Dil Tum Bin Kahi Lagataa Nahin / ये दिल तुम बिन, कहीं लगता नहीं, / Izzat (1968)

Ye Dil Tum Bin Kahi Lagataa Nahin, Ham Kyaa Karen 


लता: ये दिल तुम बिन, कहीं लगता नहीं, हम क्या करें
ये दिल तुम बिन, कहीं लगता नहीं, हम क्या करें
तसव्वुर में कोई बसता नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो, अब ऐ जानेवफ़ा, हम क्या करें

रफ़ी: लुटे दिल में दिया जलता नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो, अब ऐ जाने\-अदा, हम क्या करें

लता: ये दिल तुम बिन, कहीं लगता नहीं, हम क्या करें

किसी के दिल में बस के दिल को, तड़पाना नहीं अच्छा \- २
निगाहों को छलकते देख के छुप जाना नहीं अच्छा,
उम्मीदों के खिले गुलशन को, झुलसाना नहीं अच्छा
हमें तुम बिन, कोई जंचता नहीं, हम क्या करें,
तुम्ही कह दो, अब ऐ जानेवफ़ा, हम क्या करें

रफ़ी: लुटे दिल में दिया जलता नहीं, हम क्या करें

मुहब्बत कर तो लें लेकिन, मुहब्बत रास आये भी \- २
दिलों को बोझ लगते हैं, कभी ज़ुल्फ़ों के साये भी
हज़ारों ग़म हैं इस दुनिया में, अपने भी पराये भी
मुहब्बत ही का ग़म तन्हा नहीं, हम क्या करें
तुम्ही कह दो, अब ऐ जाने\-अदा, हम क्या करें

लता: ये दिल तुम बिन, कहीं लगता नहीं, हम क्या करें

बुझा दो आग दिल की, या इसे खुल कर हवा दे दो \- २
रफ़ी: जो इसका मोल दे पाये, उसे अपनी वफ़ा दे दो
लता: तुम्हारे दिल में क्या है बस, हमें इतना पता दे दो,
के अब तन्हा सफ़र कटता नहीं, हम क्या करें
रफ़ी: लुटे दिल में दिया जलता नहीं, हम क्या करें
लता: ये दिल तुम बिन, कहीं लगता नहीं, हम क्या करें


  • चित्रपट : इज्जत (१९६८)
  • गायक : लता - रफी,
  • गीतकार : साहिर लुधियानवी, 
  •  संगीतकार : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, 


Ye-Dil-Tum-Bin-Kahi-Lagataa-Nahin,-Ham-Kyaa-Karen


लता: ये दिल तुम बिन, कहीं लगता नहीं, हम क्या करें

Ye Dil Tum Bin Kahi Lagataa Nahin, Ham Kyaa Karen 
Tasawwur men koi basataa nahin, ham kyaa karen
Tum hi kah do ab ai jaan-e-wafaa ham kyaa karen

Lute dil men diyaa jalataa nahin, ham kyaa karen
Tum hi kah do ab ai jaan-e-adaa ham kyaa karen

Kisi ke dil men bas ke dil ko tadpaanaa nahin achchhaa
Nigaahon ko jhalak de de ke chhup jaanaa nahin achchhaa
Ummidon ke khile gulashan ko jhulasaanaa nahin achchhaa
Hamen tum bin koi janchataa nahin, ham kyaa karen

Mohabbat kar to lekin mohabbat raas aye bhi
Dilon ko bojh lagate hain kabhi julfon ke saaye bhi
Hajaaro gam hain is duniyaa men apane bhi paraaye bhi
Mohabbat hi kaa gam tanahaa nahin, ham kyaa karen

Bujhaa do ag dil ki yaa ise khulakar hawaa de do
Jo is kaa mol de paaye, use apani wafaa de do
Tumhaare dil men kyaa hai bas hamen itanaa pataa de do
Ke ab tanahaa safr katataa nahin, ham kyaa karen

Ye Dil Tum Bin Kahi Lagataa Nahin, Ham Kyaa Karen 




FM Hindi Song
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नमस्कार दोस्तों मैं FM Hindi Song की और से आप सभी का धन्यवाद देता हु जो आप जो आप सभी ने इस ब्लॉग को अपना समझा साथ ही अपना प्यार और सहयोग दिया..

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