मंगलवार, 13 दिसंबर 2016

Ye Reshami Julfen, Ye Sharabati Aankhe ये रेशमी ज़ुल्फें, ये शरबती आँखे Do Raaste (1969)

Ye Reshami Julfen, Ye Sharabati Aankhe

ये रेशमी ज़ुल्फें, ये शरबती आँखे
इन्हें देखकर जी रहे हैं सभी

जो ये आँखे शरम से झुक जाएँगी
सारी बातें यहीं बस रुक जाएँगी
चुप रहना ये अफ़साना
कोई इनको ना बतलाना
के इन्हें देखकर पी रहे हैं सभी
ये रेशमी ज़ुल्फें...

जुल्फें मगरूर इतनी हो जाएँगी
दिल को तड़पाएँगी, जी को तरसाएंगी
ये कर देंगी दीवाना
कोई इनको ना बतलाना
के इन्हें देखकर जी रहे हैं सभी
ये रेशमी ज़ुल्फें...

सारे इनकी शिकायत करते हैं
फिर भी इनसे मोहब्बत करते हैं
ये क्या जादू है जाने
फिर चाक गिरे वा दीवाने
इन्हें देख कर सी रहे हैं सभी
ये रेशमी जुल्फें...


चित्रपट : दो रास्ते (१९६९)
गायक : मोहम्मद रफी,
गीतकार : आनंद बक्षी,
संगीतकार : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल,

Ye-Reshami-Julfen,-Ye-Sharabati-Aankhe


ये रेशमी ज़ुल्फें, ये शरबती आँखे

Ye Reshami Julfen, Ye Sharabati Aankhe
Inhe dekhakar ji rahe hain sabhi

Jo ye aankhe sharam se jhuk jaaegi
Saari baaten yahin bas ruk jaaegi
Chup rahanaa, ye afsaanaa koi inako naa batalaanaa
Ki inhe dekhakar pi rahe hain sabhi

Julfen magarur itani ho jaaeangi
Dil ko tadpaaeangi, ji ko tarasaaeangi
Ye kar dengi diwaanaa, koi in ko naa batalaanaa
Ki inhe dekhakar ji rahe hain sabhi

Saare inaki shikaayat karate hain
Fir bhi inase mohabbt karate hain
Ye kyaa jaadu hai jaane, fir chaak girebaaan diwaane
Inhe dekhake si rahen hain sabhi

Ye Reshami Julfen, Ye Sharabati Aankhe




FM Hindi Song
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नमस्कार दोस्तों मैं FM Hindi Song की और से आप सभी का धन्यवाद देता हु जो आप जो आप सभी ने इस ब्लॉग को अपना समझा साथ ही अपना प्यार और सहयोग दिया..

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